स्नान मंत्र | गङ्गे च यमुने चैव | Snan Mantra

हिंदू धर्म में ऐसा माना जाता है, कि आपको सदैव स्नान गंगा यमुना सिंधु सरस्वती कावेरी नर्मदा गोदावरी आदि पवित्र में ही करना चाहिए. यदि आप ऐसा करते हैं तो आपके समस्त पाप दूर हो जाते हैं.

जब भी आप कभी नहाते हैं तो नहाते समय स्नान मंत्र – Snan Mantra का पाठ अवश्य करे. इन मंत्रों में ऐसी शक्ति होती हैं, जिससे आपके समस्त प्रकार के बुरे कार्य समाप्त हो जाते हैं.

Snan Mantra Lyrics in Hindi (स्नान मंत्र हिंदी में) PDF Download

गङ्गे च यमुने चैव गोदावरि सरस्वति ।
नर्मदे सिन्धु कावेरि जलेऽस्मिन् सन्निधिं कुरु ॥

अर्थ – हे ! गंगा, यमुना,गोदावरी, सरस्वती, नर्मदा, सिंधु, कावेरी नदियों ! मेरे स्नान करने के जल में पधारिये |
अर्थात जिस जल से मैं स्नान कर रहा हूँ, उस जल में अपनी असीम कृपा कीजिए |

Gaṅgē ca yamunē caiva gōdāvari sarasvati.
Narmadē sindhu kāvēri jalē̕smin sannidhiṁ kuru.

English Lyrics –

Gange cha yamune chaiva godavari saraswathi
narmade sindhu kaveri jalesmin sannidhim kuru

नहाने का मंत्र बोलने का लाभ

  • आपके शरीर में ऊर्जा का संचार हो जाता है.
  • आपकी बुद्धि पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है.
  • वैसे भी इन पवित्र नदियों में स्नान करने से समस्त प्रकार के पाप नष्ट हो जाते हैं.
  • शरीर में उपस्थित सभी प्रकार के कीटाणु दूर हो जाते हैं.
  • पटाखे संबंधित बीमारी भी दूर हो जाती है.

इस मंत्र से यह संदेश जाता है कि हमें अपनी बाहरी शुद्धि के साथ-साथ अपने अंतर्मन की शुद्धि पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए।  यानी अगर हमारा मन निर्मल है तो हम कठिन कार्य को भी सरल बना सकते हैं

Download PDF Now

Leave a Comment